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writeoutload जानती झूठ वहां जाना जहां कद्र नहीं हिन्दीकविता फ़ासले प्यार नहीं इश्क जिंदगी रोज़ तुम बिन hindikavita अपना नहीं होता सावरे मानो मैं नहीं जानती थी मतलब बहाने

Hindi नहीं जानती Poems